नई दिल्ली। जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने आशंका जताई है कि पाकिस्तान के मानवाधिकार कार्यकर्ता अंसार बर्नी की वापसी पाकिस्तानी सरकार की शह पर हुई।
बुखारी ने कहा कि मानवाधिकारों की वकालत करने तथा पाकिस्तानी जेल में बंद भारतीय नागरिक सरबजीत सिंह की रिहाई के प्रयास करने वाले बर्नी के मामले में पाकिस्तान सरकार की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि केंद्र सरकार ने पाकिस्तानी सरकार की शह पर ऐसा किया है। शीर्ष अधिकारियों की अनुमति के बिना आव्रजन विभाग में नीचे का अधिकारी किसी व्यक्ति को वापस नहीं भेज सकता। हालांकि उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा इस मामले में क्षमा मांगने के साथ ही इस विवाद पर विराम लग गया है।
गौरतलब है कि गत शुक्रवार को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से आव्रजन विभाग के अधिकारियों ने बर्नी को वापस लंदन लौटा दिया था। बर्नी जामा मस्जिद यूनाइटेड फोरम द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में हिस्सा लेने दुबई के रास्ते लंदन से यहां पहुंचे थे।
हालांकि केंद्र सरकार ने पर्याप्त दस्तावेजों के अभाव का हवाला देते हुए इस मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। सरकार ने कहा है कि बर्नी को हुई असुविधा के लिए उसे खेद है और उनका भारत में हमेशा स्वागत है।
Sunday, June 1, 2008
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